Guru Purnima 2020 – गुरुपूर्णिमा क्यों मनाई जाती है?

Guru Purnima 2020

Guru Purnima 2020: हमारे भारत देश मैं गुरु का बड़ा महत्व दिया गया है इस लिए क्या आप जानते हो गुरु पूर्णिमा क्यों मनाई जाती है? दुनिया मैं कसीभी व्यक्ति को जाज ने के लिए उनकी शिक्षा का की जाज करनी पड़ती है इस लिए काफ़ी महत्व दिया गया है शिक्षा को लेकिन हमारे भारत देश मैं शिक्षा के साथ शिक्षा देने वाले गुरु को भी बड़ा महत्व दिया गया है, इस लिए आज हम देखेंगे गुरु के बारे मैं ओर गुरुपूर्णि मा के बारे मैं चलिए शरु करते है।

हमारे भारत देश मैं ऐसे बहुत सारे पर्व है जो हम मानते है ओर ओ सभी पर्व के पीछे कूच ना कूच पोराणिक कथा ओर मान्यता रहती है ठीक ऐसे ही गुरुपूर्णिमा के पीछे भी एक पोराणिक मान्यता है जो ऋषि वेद व्यास से जुड़ी हुवि है, इस लिए आज मैं आपको इसी विषय पर पूरी जानकारी दूँगा जिस मैं आपको गुरुपूर्णिमा कब है ओर क्यू मनाई जाती है?

गुरुपूर्णिमा क्या है? (Guru Purnima 2020)

गुरुपूर्णिमा मूलभूत भारत देश मैं मनाया जाने वाला पर्व है ओर मुख्य रूप मैं भारत मैं जो लोग इस पर्व को मानते है ओ लोग अपने गुरु की उस दिन पूजा करते ओर उसके लिए भेंट ओर सोगात लेके जाते है, वेसे सभी इस पर्व को नई मानाते लेकिन बहुत से लोग उसे भव्य रूप मानते है

गुरुपूर्णिमा का पर्व गुरु ओर शिष्य के बीच का होता है जिस मैं शिष्य अपने गुरु की पूजा करते है ओर बाक़ी ओर लोग अपने गुरु की पूजा, हवन ओर आरती कर के मनाते है।

गुरुपूर्णिमा मनाने के पीछे एक मान्यता है जो महर्षि वेद व्यास से जुड़ी है ओर इस दिन पर लोग महर्षि वेद व्यास की पूजा भी करते है ओर शिष्य अपने गुरु से आशीर्वाद लेने से अपना जीवन सफल होगा ऐसा मानते है लोग।

Guru Purnima 2020 कब मनाई जाती है?

गुरुपूर्णिमा का पर्व भारत देश में वर्ष मैं एक बार मनाया जाता है ओर ऐ पर्व महर्षि वेद व्यास से समर्पित है, गुरुपूर्णिमा का पर्व हिंदी Calender के हिसाब से आशाढ शुक्ल पक्ष के दिन मनाया जाता है।

माना जाता है की इस दिन महर्षि वेद व्यास का जन्म हुवा था इस लिए इस दिन को उसके सनमान में गुरुपूर्णिमा का दिन मनाया जाता है, आषाढ़ शुल्क पक्ष के दिन गुरुपूर्णिमा मनाया जाता है।

वर्ष 2020 में गुरुपूर्णिमा 5 July, Sunday को है

गुरुपूर्णिमा क्यों मनाई जाती है?

हमारे भारत देश मैं प्राचीन काल से गुरु तुल्य माना जाता है ओर गुरु का बड़ा महत्व होता है, प्राचीन काल मैं गुरु अपने शिष्य को बिना कोई शुल्क लिए शिक्षा देते थे इस लिए शिष्य अपने गुरु को गुरुपूर्णिमा के दिन अपने मन से गुरुदक्षिणा ओर गुरु का आशीर्वाद लेता है।

मान्यता है की महर्षि वेद व्यास का जन्म इस दिन हुवा था इस लिए इस दिन को गुरुपूर्णिमा के दिन के रूप मैं महर्षि वेद व्यास को समर्पित है, जिसका जन्म आषाढ़ शुक्ल पक्ष मैं हुवा था, हर वर्ष इस दिन को गुरु पूर्णिमा के दिन के नाम से मनाया जाता है।

क्या है गुरुपूर्णिमा के पीछे की कहानी?

गुरुपूर्णिमा का पर्व महर्षि वेद व्यास को समर्पित है ओर उसके जन्मदिन के दिन पर ऐ पर्व मनाया जाता है, इस दिन को गुरु ओर शिष्य के लिए ख़ास माना जाता है, मनुष्य के सबसे पहले गुरु महर्षि वेद व्यास को माना जाता है।

माना जाता है के महर्षि वेद व्यास ने इस दिन को अपने शिष्य को श्रीमत भागवत गीता का ज्ञान दिया था, इस पर्व को वयस्पर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, महर्षि वेद व्यास को सभी वेदों का ज्ञान था हिंदू धर्म मैं चार वेदों का विभाग किया था जिस मैं महर्षि वेद व्यास ने श्रीमत भागवत गीता की रचना की थी।

गुरुपूर्णिमा का महत्व क्या है?

गुरु का महत्व भारत देश मैं प्राचीन काल से चला आरहा है, गुरु ओर शिष्य का रिश्ता अनोखा माना जाता है अपने गुरु का सनमान ओर आदर कर्ता है शिष्य, इस पर्व को गुरुपूर्णिमा ओर व्यासपूर्णिमा के नाम से जाना जाता है।

गुरुपूर्णिमा का पर्व श्रधा से माना जाता है, प्राचीन काल से ही बड़ा महत्व है गुरु पूर्णिमा का ओर ब्रमहा विष्णु ओर महेश को आदि काल मैं पूजा जाता है गुरु के रूप मैं ओर अपने ग्रंथो मैं लिखा है के गुरु अपने शिष्य के जीवन मैं अंधकार दूर कर्ता है।

दोस्तों मैं आशा कर्ता हु की आपको ऐ पोस्ट Guru Purnima 2020 पसंद आइ होगी ओर मेरी हमेशा से ऐसी ही कोशिश रहती है के आपको गुरुपूर्णि मा का पोस्ट पसंद आइ होगी ओर पूरी जानकारी मिल गई होगी आपको, अगर आपको अच्छी ऐ पोस्ट अछी लगी हो तो प्लीज़ आपके सोशल मीडिया पर share करे जैसे की Facebook ओर Instagram अगर आपको ओर कोई प्रश्न हो तो नीचे मूँजें comment कर के बताए।

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